To follow a uniform academic calendar to Bihar Universities बिहार लोकभवन ने जारी किया यूनिफॉर्म एकेडमिक कैलेंडर
बिहार के सभी सभी Universities में एक समय पर एडमिशन, परीक्षा और रिजल्ट Bihar के सभी विश्वविद्यालयों में स्नातक कोर्स के लिए अब एक समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू होगा.
लोकभवन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में एकरूपता लाने के उद्देश्य से यूनिफॉर्म एकेडमिक कैलेंडर जारी कर दिया है. नया सत्र एक जुलाई से शुरू होगा. नामांकन और रजिस्ट्रेशन एक मई से शुरू होगा. एडमिशन 30 जून को समाप्त हो होगा. वहीं, द्वितीय, चतुर्थ, षष्ठम और अष्टम सेमेस्टर (जनवरी-जून) का नामांकन चार से नौ जनवरी तक होगा.
बिहार के सभी विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक, खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक समान कैलेंडर लागू होगा। यह निर्देश राज्यपाल एवं कुलाधिपति सैयद अता हसनैन ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को दिया।
मल्टीपल एंट्री-एग्जिट व्यवस्था को मिलेगा बल: राजभवन ने कहा है कि यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-
2020 के तहत प्रस्तावित मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायक होगी,
इससे विद्यार्थियों को अधिक लचीलापन, शैक्षणिक गतिशीलता और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे.
लोकभवन ने जारी कैलेंडर को लागू करने और अक्षरश: पालन करने को कहा है. ताकि शिक्षण, परीक्षा, मूल्यांकन
और परिणाम समयबद्ध ढंग से आ सके. राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सव्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने कैलेंडर जारी करते हुए कहा है कि केवल अत्यंत असाधारण परिस्थितियों में ही अधिकतम सात दिनों तक का अंतर स्वीकार्य होगा. आगामी शैक्षणिक सत्रों में भी इस कैलेंडर का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा.
Summary
यह लेख बिहार के विश्वविद्यालयों में नए शैक्षणिक कैलेंडर के बारे में जानकारी प्रदान करता है, जिसमें एडमिशन, परीक्षा और रिजल्ट के लिए समय सारणी शामिल है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन पर प्रकाश डालता है और छात्रों को अधिक लचीलापन प्रदान करने की बात करता है। लोकभवन ने समयबद्ध तरीके से शिक्षण, परीक्षा और मूल्यांकन सुनिश्चित करने के लिए कैलेंडर के पालन पर जोर दिया है।
बिहार के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बिहार के विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक कैलेंडर जारी करने का मुख्य उद्देश्य स्नातक कोर्स के लिए एक समान शैक्षणिक कैलेंडर लागू करना है। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनइपी)-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों में एकरूपता लाने के उद्देश्य से किया गया है। इसका लक्ष्य है कि शिक्षण, परीक्षा, मूल्यांकन और परिणाम समयबद्ध तरीके से हो सकें।
नया शैक्षणिक सत्र कब से शुरू होगा और नामांकन व रजिस्ट्रेशन कब से शुरू होंगे?
नया शैक्षणिक सत्र एक जुलाई से शुरू होगा और नामांकन व रजिस्ट्रेशन एक मई से शुरू होंगे। एडमिशन 30 जून को समाप्त होगा।
कैलेंडर का पालन करने के लिए किसने और क्यों जोर दिया है?
लोकभवन ने जारी कैलेंडर को लागू करने और अक्षरशः पालन करने को कहा है, ताकि शिक्षण, परीक्षा, मूल्यांकन और परिणाम समयबद्ध ढंग से आ सकें। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सव्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने भी कैलेंडर जारी करते हुए इस पर जोर दिया है।
मल्टीपल एंट्री-एग्जिट व्यवस्था से विद्यार्थियों को क्या लाभ होगा?
मल्टीपल एंट्री-एग्जिट व्यवस्था से विद्यार्थियों को अधिक लचीलापन, शैक्षणिक गतिशीलता और बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। यह व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रस्तावित है।
क्या इस कैलेंडर में कोई अपवाद भी हैं?
हां, केवल अत्यंत असाधारण परिस्थितियों में ही अधिकतम सात दिनों तक का अंतर स्वीकार्य होगा। आगामी शैक्षणिक सत्रों में भी इस कैलेंडर का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा।

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